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कुछ तो है उसके मेरे दरमियां...........

कुछ तो है
उसके मेरे दरमियां
फासला ही सही
पुकारता है
 मुझे ही 
जब जरूरत पडी
कुछ तो  है जो दिल
धडकता है सांसे रूकती है
कहने को
डर ही सही
जब खत्म हो
सबकुछ
कुछ तो रह जाता
बाकी है
आदत जो छुटती 
नही, याद जो जाती नही।
कुछ तो है उसके मेरे दरमियां
फासला ही सही..........!

Comments

  1. कुछ तो है उसके मेरे दरमियां
    फासला ही सही..........!

    ...बहुत खूब!

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  2. कुछ तो है उसके मेरे दरमियां
    फ़ासला ही सही..........!

    कुछ तो है...
    :)

    आदरणीया सुनीता जी
    सुंदर भाव ! अच्छी कविता !
    आभार !

    ❣हार्दिक मंगलकामनाओं सहित...❣
    -राजेन्द्र स्वर्णकार

    ReplyDelete

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