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Showing posts from December 31, 2009

नित नवीन सृजन करे.....!

नव वर्ष नव कल्पना 
नित नवीन सृजन करे ।

खिले फुल महके गुलशन 
सरस किरणों का स्वागत करे ......................!
गुजित भंवरे,गुनगुन स्वर 
रिमझिम फूहार की कामना करे 
जीवन हो सरल
दिशायें दीप्तमान नवीन प्रहर का इन्तजार करें........!  
नव वर्ष नव कल्पना 
नित नवीन सृजन करे
दुख भ्रम की किचिंत छाया न हो
सुखों की अल्पविराम रागिनी हो
एक नवगीत को साज आवाज दे........................!
नव वर्ष नव कल्पना 
नित नवीन सृजन करे।