Wednesday, November 28, 2012

जो सिर्फ अपने लिए जीते है..........!


क्या सोचा होगा उसने
गुजरा वक्त चला गया
 यह जान 
मन ही मन 
मुस्कुराया भी होगा
फिर रोया होगा 
अपनी बेबसी पर 
अब  चीखों का असर
 कम होता जाता है ।
कितनी बेदर्दी से
 भौकते है खंजर 
 जो अपना होने
 का दम भरते है ।
छुडा कर अपना दामन 
जख्मी कर देते है 
कैसे होते है वह लोग जो 
सिर्फ अपने लिए जीते है ।..Posted by Picasa

कभी बहुत ही भावपूर्ण हो जाते है जज्बात हमारे हमारी भावनाये जिन पर जो चाहो कोई जोर नही इ

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