Skip to main content

Posts

Showing posts from May, 2011

मै तो खुशी का हमसाया हुं........

अपने गमो से कब तक भागोगे तुम
एक दिन सब तुम्हारे पास आ ही जायेंगे,
चीख कर कहेगे यह हम है जिनसे
जिनसे तुम्हे बेपनाह प्यार है...........!
खुशी को तुम कब तक तलाश करोगे
देखों मै तुम्हारे करीब हूं
फिर तुम मुझसे नाता क्यों
तोडना चाहते हो,खुशी तो नकारा है.........!
एक मै ही तो हूं जो तुम्हे घेरे रखता हूं
वरना तो सभी रूसवा हो चले है
दिल को तो समझा ही लेना 
वह कब तक तुम्हे रोकेगा 
एक दिन तो तुम्हे अपनाना ही होगा......
फिर कौन है इस दूनिया में तुम्हारा
किसे अपना मानते, जानते हो
कितने भोले हो, तुम खुशी के फरेब 
को अब तक न समझ पाये ...............
वही तो मुझे यहां ले आयी है
उसका और मेरा तो
बरसों पुराना साथ है ............
जहां खुशी जाती है मै छाया बन
उसके पीछे -पीछे चलता हूं
मै उसका साथ कभी नही छोडता 
और तुम खुशी की तलाश में
मुझको , सिर्फ मुझको पा लेते हो 
अगर फिर तडपते हो, तो मेरा कहां 
कसुर है मै तो बस.... खुशी का हमसाया हुं....................!!

याद जब भी कोई आता है......

याद जब भी कोई आता है 
मन उदास हो जाता है ।
वैसे तो अपने कम ही है
दोस्त जो मिले सब अच्छे मिले....
वक्त ने कभी हौंसला न दिया
पल भर बात कर सके 
वजह भी तो कभी न पायी........
भावनाओ के अथाह समन्दर में 
डूबते है उतरते है पार जाने 
की कितने ही कोशिशों में
बस नाकाम से नजर आते है।
याद जब भी आती है
गमगीन नजारे हो जाते है
यादों से परे रहने का 
अटूट फैसला जो किया है। 
कब तक अमल कर पायेगे
जिन्दगी से दूर कब भाग  पायेगे
भटकेगे फिर इन्ही अन्धेरों में
रोशनी की सहर कहां पायेगे.............!