Sunday, February 24, 2013

यादे लहर है...............!

यादे लहर है...........!
शान्त मन में करती है हलचल
कभी कडवा जहर तो कभी मिठास 
बचना कितना मुश्किल
तिनका-तिनका जुडता दिल
पल में बिखेर देती है
यादों के फसाने कितने !
यादे लहर है........!
भिगों देती है दामन को
करती गमों से सरोबार
यादों के जंगल कही एक फूल
अपनी खुशबू देता ताजगी
फिर खंगालते पन्नों को 
जिसमें कुछ  न मिलता 
यादें लहर है...........!
खीचती है अपनी ओर
झील में फेका गया कंकर
फैलते सिमटते विलय
डूबता सूरज धुंधली शाम
यादें लहर है................।

Tuesday, February 19, 2013

कौन हो तुम...........?

सफर में चलते चलते 
टकरा गयी जिन्दगी 
उसने पूछा कौन हो तुम
मैने कहा ख्वाब,ढूंढ रही हूं मंजिल
वीरानों में सावन तलाशती हूं
घनघोर घटा में 
गरजती बिजलियों से डरती 
नीड तलाशती हूं
दूर तक जायेगा यह सफर 
या यही बदल देगा रास्ता
अनजान हूं अभी राहों से 
जिन्दगी खामोश रही
सहम गयी मेरे सवालों से
कौन यह , जो मुझे मांग रही है
क्या जिन्दगी हमेशा साथ देती है.................!

Monday, February 18, 2013

जब प्यार होगा...............

कभी तो अहसास होगा
है यह प्यार कुछ और न होगा
बहाने लाख बनाये
छिपा ले दिल को कोने में
जब यह सांस लेगा
अपने वजूद को जतला ही देगा
शब्दों से बयां होगा
आंखों का जादू होगा
जब प्यार होगा तो
खुद ही इजहार होगा.......................!



भूल न जाना..........................!

धरती जब तक रहेगी 
अंबर जब तक रहेगा 
तुम से प्यार करूगा..........
यह भूल न जाना
अपना है इस जहां में
रहता है बेकरार
बहती यह मन्द पवन
क्या कहती है सुनो
नजारा सारे बेमानी 
जो तुम न हो तो 
क्या है यह जिन्दगानी
वादा कर भूल न जाना
धडकनों को कहो 
थोडा ठहर बंसत
है जो आने वाला है
उस पर अपनी बहार लूटा
गर भूल गया वो तूझे 
तो क्या थोडा एतबार तो कर
क्या कहता भंवरा फूल से 
फूल फूल पर मंडराना
अब तो संभल, खामोश
है वफा कुछ तो भरोसा कर
गर किया वादा तो उसको निभाना ।



Monday, February 4, 2013

आस का सूरज बनना तुम........!

जब भी थक कर सोने लगु मै
आकर हौल से जगा देना तुम
रिश्तों का भंवर है जिन्दगी
उलझनों को  सुलझाना तुम
कटता है वक्त प्यार के सहारे
इस प्यार को जुदा न करना तुम
तमन्नाओ का समन्दर
कही लहरों से न टकराना
रिश्तो ने ही द्धन्द्ध मचाया है
देखो यह रिश्तें टूटे ....... न
जब भी छाये मायूसियों के बादल
आस का सूरज बनना तुम
मेरे ख्याल मेरे अपने ही सही 
थोडी जगह तो बना लेना
न मिल सको गर इस जन्म
अगले जन्म का इन्तजार 
करने का हौसला करना तुम
जब भी सपने आये 
उनसे कहना मेरा ही दीदार हो
गरजे मेघ और हो बरसा
जान लेना याद आये तुम
जब सोने लगु ,हौले से जगा देना तुम................!


Friday, February 1, 2013

उसकी बाते ..........

उसकी बाते बहार की बाते
बहारों से कहो,
रूको अभी.............।
वह है मुकम्मल एक
दास्तां,
थोडी अधूरी है
मुलाकात अभी
जो समझा ही
नही अभी तक
वह प्यार को क्या समझेगा
उसकी बाते रूकी-रूकी
रहने दो ख्याल को
रोको नही.............।
बहुत कम है
जिन्दगी बाकी
जीने के लिए
हर पल को बरस बनने दो।
उसकी बाते
बहार की बाते
बहारों से कहो
रूको अभी ...............।

कभी बहुत ही भावपूर्ण हो जाते है जज्बात हमारे हमारी भावनाये जिन पर जो चाहो कोई जोर नही इ

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