Sunday, February 24, 2013

यादे लहर है...............!

यादे लहर है...........!
शान्त मन में करती है हलचल
कभी कडवा जहर तो कभी मिठास 
बचना कितना मुश्किल
तिनका-तिनका जुडता दिल
पल में बिखेर देती है
यादों के फसाने कितने !
यादे लहर है........!
भिगों देती है दामन को
करती गमों से सरोबार
यादों के जंगल कही एक फूल
अपनी खुशबू देता ताजगी
फिर खंगालते पन्नों को 
जिसमें कुछ  न मिलता 
यादें लहर है...........!
खीचती है अपनी ओर
झील में फेका गया कंकर
फैलते सिमटते विलय
डूबता सूरज धुंधली शाम
यादें लहर है................।

1 comment:

कभी बहुत ही भावपूर्ण हो जाते है जज्बात हमारे हमारी भावनाये जिन पर जो चाहो कोई जोर नही इ

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