Tuesday, May 10, 2011

याद जब भी कोई आता है......

याद जब भी कोई आता है 
मन उदास हो जाता है ।
वैसे तो अपने कम ही है
दोस्त जो मिले सब अच्छे मिले....
वक्त ने कभी हौंसला न दिया
पल भर बात कर सके 
वजह भी तो कभी न पायी........
भावनाओ के अथाह समन्दर में 
डूबते है उतरते है पार जाने 
की कितने ही कोशिशों में
बस नाकाम से नजर आते है।
याद जब भी आती है
गमगीन नजारे हो जाते है
यादों से परे रहने का 
अटूट फैसला जो किया है। 
कब तक अमल कर पायेगे
जिन्दगी से दूर कब भाग  पायेगे
भटकेगे फिर इन्ही अन्धेरों में
रोशनी की सहर कहां पायेगे.............!

3 comments:

  1. यादों में अँधेरे नही , उजाले तलाशने चाहिए ।
    फिर देखिये कैसे यादें हसीं लगने लगती हैं ।
    रचना अच्छी है ।

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  2. भावुक कर देने वाली रचना।

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  3. यादें हमेशा दिल को रूलाती हैं .. नम कर देने वाली रचना ...

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कभी बहुत ही भावपूर्ण हो जाते है जज्बात हमारे हमारी भावनाये जिन पर जो चाहो कोई जोर नही इ

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