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भूल न जाना..........................!

धरती जब तक रहेगी 
अंबर जब तक रहेगा 
तुम से प्यार करूगा..........
यह भूल न जाना
अपना है इस जहां में
रहता है बेकरार
बहती यह मन्द पवन
क्या कहती है सुनो
नजारा सारे बेमानी 
जो तुम न हो तो 
क्या है यह जिन्दगानी
वादा कर भूल न जाना
धडकनों को कहो 
थोडा ठहर बंसत
है जो आने वाला है
उस पर अपनी बहार लूटा
गर भूल गया वो तूझे 
तो क्या थोडा एतबार तो कर
क्या कहता भंवरा फूल से 
फूल फूल पर मंडराना
अब तो संभल, खामोश
है वफा कुछ तो भरोसा कर
गर किया वादा तो उसको निभाना ।



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