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शब्द बन जायेगे नश्तर........

यह न सोचा था 
शब्द बन जायेगे नश्तर 
कर देगे भीतर तक छलनी..
      होगा उसका प्यार ही 
पर मेरे लिए अभिशाप से कम नही 
यह न सोचा था 
रूला कर उसको ,हम भी
हद से ज्यादा रोयेगे
    होगा यह अन्दाजे जुदा उसका 
पर मेरे लिए  कभी मान्य नही 
यह न सोचा था
तडपा कर तडपते रहेगे
   होगा एक नया अफसाना यही
पर मेरे लिए गमों की सौगात सही
यह न सोचा था 
यादों का सफर 
बन जायेगा बेर्दद सफर 
   होगा वह मुझसे जुदा सही 
पर मेरे लिए विराम नही.......... 

Comments

  1. होगा एक नया अफसाना यही
    पर मेरे लिए गमों की सौगात सही .......bahut khoob !

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